सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है         ऽ हिन्दी के प्रति अनुराग एवं जागरूकता पैदा करने का विद्ववतजनों ने किया अपील।   संतकबीरनगर। हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में सोमवार को सत्रहवें विश्व हिन्दी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ0 अमित भारती ने कहा कि हिन्दी को अपना लीजिए विश्व आपको अपनाने जा रहा है। विश्व हिंदी दिवस के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए डॉ0 भारती ने बताया कि हिन्दी के प्रति अनुराग एवं जागरूकता पैदा करने के लिए प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 का आयोजन किया गया, इस तिथि को सार्थकता प्रदान करते हुए 10 जनवरी 2006 से विश्व हिन्दी दिवस मनाया जाना शुरू हुआ। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति अमेरिका और वर्जीनिया भी हिन्दी की ताकत को समझते हुए इसके विकास और विस्तार पर कार्य कर रहे है। हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ0 अमरनाथ पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी पर वाद विवाद की नहीं स्वस्थ संवाद की आवश्यकता है। हिन्दी देश की आत्मा है,देश हमारे भीतर है अतः हिन्दी हमारी आत्मा की अन्तरात्मा में अभिव्यक्ति पाता है। हिन्दी विभाग की आचार्या प्रिया अग्रहरी, डॉ0 अमर सिंह गौतम, डॉ0 अभिषेक सिंह ने अपने-अपने विचारों को रखा। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 संध्या राय ने किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राए उपस्थित रही।

संतकबीरनगर-विश्व हिन्दी दिवस पर एचआरपीजी में हुई गोष्ठी

 

 

 

 

ऽ हिन्दी के प्रति अनुराग एवं जागरूकता पैदा करने का विद्ववतजनों ने किया अपील।

 

संतकबीरनगर। हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में सोमवार को सत्रहवें विश्व हिन्दी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ0 अमित भारती ने कहा कि हिन्दी को अपना लीजिए विश्व आपको अपनाने जा रहा है। विश्व हिंदी दिवस के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए डॉ0 भारती ने बताया कि हिन्दी के प्रति अनुराग एवं जागरूकता पैदा करने के लिए प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 का आयोजन किया गया, इस तिथि को सार्थकता प्रदान करते हुए 10 जनवरी 2006 से विश्व हिन्दी दिवस मनाया जाना शुरू हुआ। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति अमेरिका और वर्जीनिया भी हिन्दी की ताकत को समझते हुए इसके विकास और विस्तार पर कार्य कर रहे है। हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ0 अमरनाथ पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी पर वाद विवाद की नहीं स्वस्थ संवाद की आवश्यकता है। हिन्दी देश की आत्मा है,देश हमारे भीतर है अतः हिन्दी हमारी आत्मा की अन्तरात्मा में अभिव्यक्ति पाता है। हिन्दी विभाग की आचार्या प्रिया अग्रहरी, डॉ0 अमर सिंह गौतम, डॉ0 अभिषेक सिंह ने अपने-अपने विचारों को रखा। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 संध्या राय ने किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राए उपस्थित रही।

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