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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   संतकबीरनगर जिले के नगरपालिका परिषद खलीलाबाद के पूर्व चेयरमैन जगत जायसवाल आज रक्षाबंधन के अवसर पर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कबीर बाल आश्रम पहुंचे जहां पर रहने वाली बच्चियों से उन्होंने रक्षाबंधन बंधवाया और बहनों को गिफ्ट किया। अनाथ आश्रम में रहने वाली बच्चियों को बहन बनाकर उनसे राखी बंधवाने वाले पूर्व चेयरमैन जगत जायसवाल ने अनाथ बच्चियों के सिर पर प्यार भरा आशीर्वाद देते हुए आजीवन उनकी रक्षा और सुख दुःख में सम्मलित रहने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन पर्व पर अपने संदेश में पूर्व चेयरमैन जगत जायसवाल ने कहा कि यह त्योहार न केवल भाई-बहन के रिश्तों को पूरा आदर देता है बल्कि आत्मीयता और स्नेह के बंधन से रिश्तों को मजबूती भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व भावनाओं से जुड़ा है। इस त्योहार का इतिहास में भी उल्लेख मिलता है। परस्पर स्नेह और सौहार्द के प्रतीक रूप से इसे मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र बांधने की सदियों पुरानी यह परम्परा भाई और बहन के बीच विशेष लगाव का प्रतीक है और यह पवित्र सूत्र उनके मध्य स्नेह एवं विश्वास का भी द्योतक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रक्षा बंधन न केवल भाईचारे की भावना प्रगाढ़ करेगा बल्कि समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अनाथ आश्रम की बच्चियों से पूर्व चेयरमैन “जगत” ने बंधवाई राखी, सुख दुःख में साथ रहने का किया वादा

 

संतकबीरनगर जिले के नगरपालिका परिषद खलीलाबाद के पूर्व चेयरमैन जगत जायसवाल आज रक्षाबंधन के अवसर पर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कबीर बाल आश्रम पहुंचे जहां पर रहने वाली बच्चियों से उन्होंने रक्षाबंधन बंधवाया और बहनों को गिफ्ट किया।

अनाथ आश्रम में रहने वाली बच्चियों को बहन बनाकर उनसे राखी बंधवाने वाले पूर्व चेयरमैन जगत जायसवाल ने अनाथ बच्चियों के सिर पर प्यार भरा आशीर्वाद देते हुए आजीवन उनकी रक्षा और सुख दुःख में सम्मलित रहने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन पर्व पर अपने संदेश में पूर्व चेयरमैन जगत जायसवाल ने कहा कि यह त्योहार न केवल भाई-बहन के रिश्तों को पूरा आदर देता है बल्कि आत्मीयता और स्नेह के बंधन से रिश्तों को मजबूती भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व भावनाओं से जुड़ा है। इस त्योहार का इतिहास में भी उल्लेख मिलता है। परस्पर स्नेह और सौहार्द के प्रतीक रूप से इसे मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्षा सूत्र बांधने की सदियों पुरानी यह परम्परा भाई और बहन के बीच विशेष लगाव का प्रतीक है और यह पवित्र सूत्र उनके मध्य स्नेह एवं विश्वास का भी द्योतक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रक्षा बंधन न केवल भाईचारे की भावना प्रगाढ़ करेगा बल्कि समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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