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संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र के मेंहदूपार गांव में आयोजित श्री श्री शतचंडी महायज्ञ में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जयराम पांडेय के साथ पहुंचे पूर्व विधायक व कद्दावर सपा नेता दिग्विजय नारायण चतुर्वेदी उर्फ जय चौबे का कथा आयोजक मनीष शुक्ल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने स्वागत किया।
स्वागत के पश्चात यज्ञ स्थल पहुंच पूर्व विधायक जय चौबे ने आदि शक्ति जगत जननी मां जगदम्बा का आशीर्वाद लेने के बाद कथावाचक श्री अलोकानंद जी महाराज का सानिध्य प्राप्त करते हुए उनका आशीर्वाद लिया। कथावाचक श्री अलोकानंद महाराज के द्वारा शतचंडी यज्ञ के कथा का वृत्तांत पूर्व विधायक समेत समस्त ग्रामीणों ने सुना और शतचंडी महायज्ञ के महत्व को जाना। इस अवसर पर कथावाचक ने कहा कि मां दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए जिस यज्ञ विधि को पूर्ण किया जाता है, उसे शतचंडी यज्ञ बोला जाता है। नवचंडी यज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है। इस यज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थिति को सही किया जा सकता है और सौभाग्य इस विधि के बाद आपका साथ देने लगता है। इस यज्ञ के बाद मनुष्य खुद को एक आनंदित वातावरण में महसूस कर सकता है। वेदों में इसकी महिमा के बारे में यहां तक कहा गया है कि शतचंडी यज्ञ के बाद आपके दुश्मन आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। वहीं पूर्व विधायक जय चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि महायज्ञ और अनुष्ठान के द्वारा  सामाजिक समरसता कायम होती है ऐसे कार्यक्रम सभी गांवों में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी गांव में एक महायज्ञ होता है उससे समस्त क्षेत्र के वातावरण का शुद्धिकरण होता है इसलिए ऐसे कार्यक्रम सभी जगहों पर होना चाहिए। पूर्व विधायक ने कहा कि यज्ञ मानव जीवन के लिए प्रेरणा है। यज्ञ ही संसार में श्रेष्ठतम कर्म है। भौतिक दृष्टि से यज्ञ का महत्व अत्यधिक है. यज्ञ ही आंतरिक, वैचारिक और मानसिक प्रदूषण समाप्त करने का अमोघ उपाय है।

शतचंडी यज्ञ में पहुंच पूर्व विधायक “जय” ने लिया मां जगदम्बा का आशीर्वाद

संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र के मेंहदूपार गांव में आयोजित श्री श्री शतचंडी महायज्ञ में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी जयराम पांडेय के साथ पहुंचे पूर्व विधायक व कद्दावर सपा नेता दिग्विजय नारायण चतुर्वेदी उर्फ जय चौबे का कथा आयोजक मनीष शुक्ल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने स्वागत किया।
स्वागत के पश्चात यज्ञ स्थल पहुंच पूर्व विधायक जय चौबे ने आदि शक्ति जगत जननी मां जगदम्बा का आशीर्वाद लेने के बाद कथावाचक श्री अलोकानंद जी महाराज का सानिध्य प्राप्त करते हुए उनका आशीर्वाद लिया। कथावाचक श्री अलोकानंद महाराज के द्वारा शतचंडी यज्ञ के कथा का वृत्तांत पूर्व विधायक समेत समस्त ग्रामीणों ने सुना और शतचंडी महायज्ञ के महत्व को जाना। इस अवसर पर कथावाचक ने कहा कि मां दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए जिस यज्ञ विधि को पूर्ण किया जाता है, उसे शतचंडी यज्ञ बोला जाता है। नवचंडी यज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है। इस यज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थिति को सही किया जा सकता है और सौभाग्य इस विधि के बाद आपका साथ देने लगता है। इस यज्ञ के बाद मनुष्य खुद को एक आनंदित वातावरण में महसूस कर सकता है। वेदों में इसकी महिमा के बारे में यहां तक कहा गया है कि शतचंडी यज्ञ के बाद आपके दुश्मन आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। वहीं पूर्व विधायक जय चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि महायज्ञ और अनुष्ठान के द्वारा  सामाजिक समरसता कायम होती है ऐसे कार्यक्रम सभी गांवों में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी गांव में एक महायज्ञ होता है उससे समस्त क्षेत्र के वातावरण का शुद्धिकरण होता है इसलिए ऐसे कार्यक्रम सभी जगहों पर होना चाहिए। पूर्व विधायक ने कहा कि यज्ञ मानव जीवन के लिए प्रेरणा है। यज्ञ ही संसार में श्रेष्ठतम कर्म है। भौतिक दृष्टि से यज्ञ का महत्व अत्यधिक है. यज्ञ ही आंतरिक, वैचारिक और मानसिक प्रदूषण समाप्त करने का अमोघ उपाय है।

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