थाना धनघटा अंतर्गत पीड़िता के पिता द्वारा दिनांक 22.12.2010 को थाना धनघटा पर एक लिखित तहरीर इस कथन के साथ प्रस्तुत किया गया कि दिनांक 17.12.2010 को वह तथा उसकी पत्नी उमरिया बाजार चौराहे पर स्थित दुकान पर गये थे। उसकी अवयस्क पुत्री घर पर अकेली थी। रात में 08 बजे जब वह अपनी दुकान से वापस आया तो उसकी पुत्री घर पर नहीं मिली। पता करने पर पता चला कि दिन डूबने के बाद उसकी पुत्री के अकेली होने का फायदा उठाते हुए एक व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया। जब वह पता लगाने के लिए उसके घर गया तो वहां पता चला कि वह घर पर मौजूद नहीं है। बाद में कुछ लोगों ने बताया कि कमाण्डर जीप जिसे एक व्यक्ति चला रहा था उसपर बैठ कर कुछ लोग जिसमें उसकी पुत्री भी शामिल है, धनघटा होते हुए खलीलाबाद की ओर गये हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि थाना धनघटा में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद पीड़िता के बयान के आधार पर मोहम्मद सईद का नाम प्रकाश में आया। विवेचक द्वारा मोहम्मद सईद के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 6 साक्षीयों का साक्ष्य कराया गया तथा सभीसाक्षियों ने घटना का समर्थन किया ।आरोपी मोहम्मद सईद के विरुद्ध अपराध सिद्ध पाए जाने पर सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रसाद चौधरी ने आरोपी मोहम्मद सईद को दोष सिद्ध करते हुए 2 वर्ष के कठोर कारावास और ₹6000 अर्थदंड से दंडित किए।अर्थदंड न अदा करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिए।