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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने होनहार "अश्विनी" को दी शुभकामनाएं। गरीबी की कोंख में जन्मे और संघर्षों की भट्टी में तपकर निकले एक गरीब के बेटे ने परिवार और क्षेत्र का नाम बढ़ाया है। बात उस युवा अश्विनी यादव की करते हैं जो उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के सदर तहसील क्षेत्र के धरमैनी गांव के रहने वाले है जिन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की पास आउट कर आरक्षी बन गांव और जनपद का नाम रौशन करने के साथ ही उस गरीब पिता का मजबूत संबल बने जो दिन रात एक करके मजदूरी का काम करते है। घर के तंग हालात को दूर करने की ठानने वाले अश्विनी यादव को अपने माता पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने की जिद थी। अश्विनी का यही जिद उसका जुनून बन गया और वो दिन रात एक करके आरक्षी भर्ती की परीक्षा की तैयारियों में जुट गया। अश्विनी ने न ही कही कोचिंग की न ही उसे किसी प्रकार की सहायता मिली, गांव की पगडंडियों को ट्रैक बना लेने वाले अश्विनी यादव ने बस ठान ली थी कि उसे आरक्षी बनना ही है। अश्विनी की मजबूत इच्छा शक्ति ही उसे सफलता दिलाई। वहीं आज जब अश्विनी यादव को नियुक्ति पत्र मिला तब माता पिता के साथ ग्रामीणों में खुशी की लहर देखने को मिली। गांव के ही रहने वाले युवा समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने अश्विनी को नियुक्ति पत्र मिलने पर बधाई देते हुए उन्हे मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस अवसर पर समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अश्विनी यादव ने पूरे गांव का मान बढ़ाया है, समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अश्विनी यादव बचपन से ही तेज था, पढ़ाई के साथ खेलकूद में उसकी विशेष रुचि ने ही उसे आज उस मुकाम तक पहुंचाया है। बताते चले कि पुलिस आरक्षी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अश्विनी यादव की प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्र के भिटनी में, स्नातक डुमरी से जबकि बीटीसी गोरखपुर से किया है

आरक्षी अश्वनी यादव को मिला ज्वाइनिंग लेटर : खुशी से झूमा धरमैनी गांव

 

समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने होनहार “अश्विनी” को दी शुभकामनाएं।

गरीबी की कोंख में जन्मे और संघर्षों की भट्टी में तपकर निकले एक गरीब के बेटे ने परिवार और क्षेत्र का नाम बढ़ाया है। बात उस युवा अश्विनी यादव की करते हैं जो उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के सदर तहसील क्षेत्र के धरमैनी गांव के रहने वाले है जिन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की पास आउट कर आरक्षी बन गांव और जनपद का नाम रौशन करने के साथ ही उस गरीब पिता का मजबूत संबल बने जो दिन रात एक करके मजदूरी का काम करते है। घर के तंग हालात को दूर करने की ठानने वाले अश्विनी यादव को अपने माता पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने की जिद थी। अश्विनी का यही जिद उसका जुनून बन गया और वो दिन रात एक करके आरक्षी भर्ती की परीक्षा की तैयारियों में जुट गया। अश्विनी ने न ही कही कोचिंग की न ही उसे किसी प्रकार की सहायता मिली, गांव की पगडंडियों को ट्रैक बना लेने वाले अश्विनी यादव ने बस ठान ली थी कि उसे आरक्षी बनना ही है। अश्विनी की मजबूत इच्छा शक्ति ही उसे सफलता दिलाई। वहीं आज जब अश्विनी यादव को नियुक्ति पत्र मिला तब माता पिता के साथ ग्रामीणों में खुशी की लहर देखने को मिली। गांव के ही रहने वाले युवा समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने अश्विनी को नियुक्ति पत्र मिलने पर बधाई देते हुए उन्हे मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस अवसर पर समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अश्विनी यादव ने पूरे गांव का मान बढ़ाया है, समाजसेवी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अश्विनी यादव बचपन से ही तेज था, पढ़ाई के साथ खेलकूद में उसकी विशेष रुचि ने ही उसे आज उस मुकाम तक पहुंचाया है। बताते चले कि पुलिस आरक्षी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अश्विनी यादव की प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्र के भिटनी में, स्नातक डुमरी से जबकि बीटीसी गोरखपुर से किया है

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