
संतकबीरनगर जिले की गौरवशाली माटी के लाल और पद्मश्री से सम्मानित कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर.सी. चौधरी के अथक प्रयासों से पुनर्जीवित काला नमक चावल की ख्याति अब देश की सीमाओं से परे विदेशों तक पहुंच चुकी है. यह विशेष धान, जिसे भगवान बुद्ध का प्रसाद भी कहा जाता है, अब दुबई के घरों तक अपनी सुगंध फैला रहा है.
पुष्कर चौधरी के प्रयासों से दुबई में बढ़ा काला नमक चावल का प्रचार
डॉ. आर.सी. चौधरी के भतीजे और सत्तारूढ़ दल अपना दल (एस) व्यापार मंच के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर चौधरी इन दिनों काला नमक चावल के अंतर्राष्ट्रीय प्रमोशन के लिए दुबई में सक्रिय हैं. उनकी कड़ी मेहनत तब रंग लाई, जब दुबई पहुंचे बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने एक कार्यक्रम के दौरान इस शाही चावल का प्रमोशन किया.
बाबा बागेश्वर ने की काला नमक चावल की सराहना
बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने काला नमक चावल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक विशेष और दुर्लभ धान प्रजाति थी जो बुद्धकालीन परंपरा में अत्यधिक प्रचलित थी, लेकिन समय के साथ यह विलुप्त हो गई थी. उन्होंने डॉ. आर.सी. चौधरी द्वारा इसकी पुनः खोज को एक बेहद महत्वपूर्ण कार्य बताया. बाबा ने इस महत्वपूर्ण खोज के लिए सरकार द्वारा डॉ. आर.सी. चौधरी को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करने और इसके निर्यात के लिए विशेष सहूलियत प्रदान करने की भी सराहना की.
पुष्कर चौधरी ने जताया आभार, वैश्विक पहचान का विश्वास
बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज के हाथों काला नमक चावल का प्रमोशन होने से उत्साहित पुष्कर चौधरी ने बाबा के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया. उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर एक न एक दिन काला नमक चावल पूरे विश्व में अपनी महक फैलाएगा और अपनी अनूठी पहचान बनाएगा. यह पहल काला नमक चावल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.