संतकबीरनगर – ड्रेनेज खंड-2 से मिली दैनिक गेज रिपोर्ट के अनुसार जिले और आसपास के क्षेत्रों में कई नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
घाघरा नदी
घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज, अयोध्या और बिड़हर घाट में लगातार बढ़ रहा है। बिड़हर घाट (संतकबीरनगर) पर नदी का जलस्तर 78.400 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के स्तर 79.400 मीटर से थोड़ा नीचे है, लेकिन इसमें वृद्धि जारी है। अयोध्या में भी जलस्तर 92.370 मीटर पर है, जो खतरे के स्तर 92.730 मीटर के काफी करीब है।
राप्ती नदी
राप्ती नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखी गई है। काकरधारी में जलस्तर 128.590 मीटर तक पहुंच गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति ठाठर (संतकबीरनगर) में है, जहां नदी का जलस्तर खतरे के निशान 79.500 मीटर से काफी ऊपर 85.570 मीटर पर दर्ज किया गया है। हालांकि, यहां जलस्तर में थोड़ी गिरावट आई है, जो एक राहत भरी खबर है। वहीं, रिगौली में जलस्तर 74.780 मीटर पर है, जो खतरे के निशान 80.300 मीटर से नीचे है।
कुआनो नदी
कुआनो नदी भी अपने रौद्र रूप में है। मुखलिसपुर (संतकबीरनगर) में इसका जलस्तर 74.100 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 78.650 मीटर है। इस क्षेत्र में 10.2 मिमी की बारिश भी दर्ज की गई है, जिससे जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष, ड्रेनेज खंड-2, संतकबीरनगर के प्रभारी ने बताया कि सभी गेज स्टेशनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।