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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है   संतकबीरनगर - 10 जनवरी, 2019 को खलीलाबाद थाना क्षेत्र के बनहैता गाँव में हुई हत्या के मामले में सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने आरोपी आदर्श को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। इसके अलावा, उसे ₹50,000 का अर्थदंड भी देना होगा और अगर वह यह राशि नहीं चुकाता है तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। क्या थी घटना? अभियोजन पक्ष के अनुसार, 10 जनवरी, 2019 की रात करीब 8:30 बजे, बनहैता निवासी वृंदावन अपने घर के बरामदे में लेटे हुए थे। तभी गाँव का ही आदर्श, जो एक दबंग किस्म का व्यक्ति है, वहाँ आया और वृंदावन को गाली देने लगा। जब वृंदावन ने उसे गाली देने से रोका, तो आदर्श ने उन पर एक फरसे से जानलेवा हमला कर दिया। जब फरसा बाउंड्री में लग गया, तो आदर्श ने पास रखे एक नल की हेंडल तोड़कर वृंदावन के सिर पर वार किया। इस हमले में वृंदावन को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही गिर गए। यह पूरी घटना उनकी पत्नी अमरावती देवी और बेटी अनुराधा पटेल ने अपनी आँखों से देखी। उनके शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर पहुँचे और उन्हें दौड़ाया, जिसके बाद आदर्श वहाँ से भाग गया। पड़ोसियों ने वृंदावन को तुरंत जिला अस्पताल खलीलाबाद पहुँचाया, लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कैसे साबित हुआ अपराध? वृंदावन की पत्नी अमरावती देवी ने खलीलाबाद थाने में आदर्श के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 504 (जानबूझकर अपमान करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। विवेचना के बाद, आरोपी आदर्श के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों को पेश किया गया, और सभी ने अभियोजन पक्ष के बयानों का समर्थन किया। डॉक्टर देवेंद्र प्रताप द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में भी यह बात साबित हुई कि वृंदावन की मौत सिर पर आई गंभीर चोटों के कारण सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव से हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी दाहिनी आँख फटी हुई थी, हड्डी तक गहरी चोट थी, और खून के थक्के जमे हुए थे। न्यायालय ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद आरोपी आदर्श को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

हत्या के दोषी को आजीवन कारावास और ₹50,000 का जुर्माना

 

संतकबीरनगर – 10 जनवरी, 2019 को खलीलाबाद थाना क्षेत्र के बनहैता गाँव में हुई हत्या के मामले में सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने आरोपी आदर्श को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। इसके अलावा, उसे ₹50,000 का अर्थदंड भी देना होगा और अगर वह यह राशि नहीं चुकाता है तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।
क्या थी घटना?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 10 जनवरी, 2019 की रात करीब 8:30 बजे, बनहैता निवासी वृंदावन अपने घर के बरामदे में लेटे हुए थे। तभी गाँव का ही आदर्श, जो एक दबंग किस्म का व्यक्ति है, वहाँ आया और वृंदावन को गाली देने लगा। जब वृंदावन ने उसे गाली देने से रोका, तो आदर्श ने उन पर एक फरसे से जानलेवा हमला कर दिया।
जब फरसा बाउंड्री में लग गया, तो आदर्श ने पास रखे एक नल की हेंडल तोड़कर वृंदावन के सिर पर वार किया। इस हमले में वृंदावन को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही गिर गए। यह पूरी घटना उनकी पत्नी अमरावती देवी और बेटी अनुराधा पटेल ने अपनी आँखों से देखी। उनके शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर पहुँचे और उन्हें दौड़ाया, जिसके बाद आदर्श वहाँ से भाग गया।
पड़ोसियों ने वृंदावन को तुरंत जिला अस्पताल खलीलाबाद पहुँचाया, लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कैसे साबित हुआ अपराध?
वृंदावन की पत्नी अमरावती देवी ने खलीलाबाद थाने में आदर्श के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 504 (जानबूझकर अपमान करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। विवेचना के बाद, आरोपी आदर्श के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों को पेश किया गया, और सभी ने अभियोजन पक्ष के बयानों का समर्थन किया।
डॉक्टर देवेंद्र प्रताप द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में भी यह बात साबित हुई कि वृंदावन की मौत सिर पर आई गंभीर चोटों के कारण सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव से हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी दाहिनी आँख फटी हुई थी, हड्डी तक गहरी चोट थी, और खून के थक्के जमे हुए थे।
न्यायालय ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद आरोपी आदर्श को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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