
संतकबीरनगर: – नदियों को पुनर्जीवित करने के अभियान में एक अनूठी पहल उस वक्त देखने को मिली जब जिले के जिला अधिकारी स्वयं मजदूर के रूप में दिखे। जिले में पुरानी राप्ती नदी के जीर्णोद्धार कार्य का खुद के हाथों में फावड़ा संभाल कर शुभारंभ करने वाले जिलाधिकारी आलोक कुमार ने श्रमदान कर एक ऐसी मिसाल पेश की जो आने वाले जनपदीय अफसरों के लिए प्रेरणा श्रोत होगी। आपको बता दें कि मेहदावल तहसील के ग्राम पंचायत बिसौवां के मजरे दमका में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और जिलाधिकारी आलोक कुमार ने फावड़ा उठाकर काम की शुरुआत की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुए इस कार्य में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने पर्यावरण संरक्षण में नदियों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से इस महाभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
इस दौरान विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने नदियों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी, एसडीएम संजीव राय सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों के इस श्रमदान ने न केवल लोगों को प्रेरित किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि नदियों को बचाने का यह कार्य केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। इस पहल से उम्मीद है कि पुरानी राप्ती नदी का जीर्णोद्धार कार्य तेजी से और सफलतापूर्वक पूरा होगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को फायदा मिलेगा।