Time in United States now
सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है  
लखनऊ - मीडिया में 'निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव' पर गोली चलने की खबरों पर निषाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए खंडन किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति पर गोली चलने की घटना बताई जा रही है उसका निषाद पार्टी में कोई पद नहीं है।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व्यास मुनि निषाद के निर्देशानुसार एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी गई है। जारीकर्ता राजीव यादव (जनसंपर्क अधिकारी, मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद) ने बताया कि निषाद पार्टी एक जनआधारित संगठन है और कई लोग व्यक्तिगत जुड़ाव के कारण खुद को पदाधिकारी बता देते हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि प्रवीण निषाद पूर्व सांसद रह चुके हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी भी थे इसलिए कार्यकर्ताओं और आम जनता से लगातार संपर्क बना रहता है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग खुद को पार्टी के पद पर बताते हैं।विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने स्वयं जिले के पुलिस अधीक्षक से बात कर घटना की जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक ने मामले में जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पार्टी ने साफ किया है कि मीडिया में प्रकाशित खबरों में संबंधित व्यक्ति को 'निषाद पार्टी का प्रदेश सचिव' बताया गया है, जो पूरी तरह गलत है। पार्टी ने कहा कि पदाधिकारियों की प्रमाणित सूची ही आधिकारिक मानी जाए। गौरतलब हो कि गत दिनों शहर कोतवाली क्षेत्र के टेमा रहमत गांव निवासी अब्दुल अज़ीम के ऊपर अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली चलाए जाने की सूचना पर उन्हें जिला अस्पताल लाया गया था जहां पर उन्होंने खुद को निषाद पार्टी का प्रदेश सचिव बताया था। अब्दुल अजीम जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुके है। क्षेत्र में समाजसेवा के जरिए राजनीति में एंट्री करने वाले अब्दुल अजीम लम्बे समय से बसपा से जुड़े रहे। बसपा से मोहमंग होने के बाद वो लगातार निषाद पार्टी अध्यक्ष और उनके बेटे पूर्व सांसद प्रवीण कुमार के साथ नजर आते रहे है। गोली की घटना के बाद अचानक ही पार्टी और पार्टी के नेता उनसे पल्ला क्यों झाड़ कर उन्हें पार्टी का नहीं बता रहे हैं? इस संबंध में टेलीफोन पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका नंबर किसी तकनीकी दिक्कत के चलते बंद मिला इसलिए इस खबर में घायल अब्दुल अजीम का पक्ष नहीं रखा जा रहा।आने वाले समय में अब्दुल अजीम का जो भी बयान निकलकर सामने आएगा उसे हम अपने सम्मानित पाठकों तक अवश्य पहुंचाएंगे।

निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव’ पर चली गोली की खबर निराधार: निषाद पार्टी ने किया खंडन

 

लखनऊ – मीडिया में ‘निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव’ पर गोली चलने की खबरों पर निषाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए खंडन किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति पर गोली चलने की घटना बताई जा रही है उसका निषाद पार्टी में कोई पद नहीं है।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व्यास मुनि निषाद के निर्देशानुसार एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी गई है। जारीकर्ता राजीव यादव (जनसंपर्क अधिकारी, मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद) ने बताया कि निषाद पार्टी एक जनआधारित संगठन है और कई लोग व्यक्तिगत जुड़ाव के कारण खुद को पदाधिकारी बता देते हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि प्रवीण निषाद पूर्व सांसद रह चुके हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी भी थे इसलिए कार्यकर्ताओं और आम जनता से लगातार संपर्क बना रहता है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग खुद को पार्टी के पद पर बताते हैं।विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने स्वयं जिले के पुलिस अधीक्षक से बात कर घटना की जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक ने मामले में जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पार्टी ने साफ किया है कि मीडिया में प्रकाशित खबरों में संबंधित व्यक्ति को ‘निषाद पार्टी का प्रदेश सचिव’ बताया गया है, जो पूरी तरह गलत है। पार्टी ने कहा कि पदाधिकारियों की प्रमाणित सूची ही आधिकारिक मानी जाए।

गौरतलब हो कि गत दिनों शहर कोतवाली क्षेत्र के टेमा रहमत गांव निवासी अब्दुल अज़ीम के ऊपर अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली चलाए जाने की सूचना पर उन्हें जिला अस्पताल लाया गया था जहां पर उन्होंने खुद को निषाद पार्टी का प्रदेश सचिव बताया था। अब्दुल अजीम जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ चुके है। क्षेत्र में समाजसेवा के जरिए राजनीति में एंट्री करने वाले अब्दुल अजीम लम्बे समय से बसपा से जुड़े रहे। बसपा से मोहमंग होने के बाद वो लगातार निषाद पार्टी अध्यक्ष और उनके बेटे पूर्व सांसद प्रवीण कुमार के साथ नजर आते रहे है। गोली की घटना के बाद अचानक ही पार्टी और पार्टी के नेता उनसे पल्ला क्यों झाड़ कर उन्हें पार्टी का नहीं बता रहे हैं? इस संबंध में टेलीफोन पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका नंबर किसी तकनीकी दिक्कत के चलते बंद मिला इसलिए इस खबर में घायल अब्दुल अजीम का पक्ष नहीं रखा जा रहा।आने वाले समय में अब्दुल अजीम का जो भी बयान निकलकर सामने आएगा उसे हम अपने सम्मानित पाठकों तक अवश्य पहुंचाएंगे।

Leave a Reply

error: Content is protected !!