संत कबीर नगर जिले के ग्राम महदेवा स्थित मदरसा अरबिया अहले सुन्नत मदीनतुल उलूम के पूर्व प्रबंधक अख्तर अली पर विधिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अपने परिवार के सगे-संबंधियों की फर्जी नियुक्तियाँ करने और शासकीय धन के गबन का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में मदरसा से जुड़े प्रार्थीगणों ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महोदय को एक शिकायती पत्र भेजकर पूर्व प्रबंधक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अवैध नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग की है।
मुख्य आरोप:
शिकायती पत्र में बताया गया है कि मदरसा के पूर्व नाजिमेआला/प्रबंधक अख्तर अली ने अपने पद पर रहते हुए अपने परिवार के कई सदस्यों की अवैधानिक नियुक्ति की है, जो विधिक प्रावधानों के विपरीत है। आरोप है कि नियुक्तियाँ फर्जी एवं कूटरचित मार्कशीट और प्रमाणपत्रों के आधार पर की गईं।
जिन सगे-संबंधियों की नियुक्ति का आरोप है, उनमें शामिल हैं:
सगे पुत्र: मेराज अहमद और इरसाद अहमद
सगा भाई: मो० असलम पुत्र मो० रफीक
भतीजा: मो० अरसद पुत्र असगर अली
दामाद (पुत्री के पति): शाह आलम पुत्र सफी मोहम्मद
कूटरचित प्रबंधन समिति और धोखाधड़ी का आरोप:
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अख्तर अली ने अपने सगे संबंधी (पत्नी के भाई) मो० इब्राहीम को मदरसा का प्रबंधक दर्शाते हुए 01.12.2010 को सहायक रजिस्ट्रार, गोरखपुर के कार्यालय में कूटरचित और फर्जी प्रपत्र प्रस्तुत किए। इस प्रकार, कपटपूर्ण ढंग से वर्ष 2010-2011 की कथित प्रबंध समिति की मान्यता प्राप्त की गई।
शासकीय धन के दुरुपयोग और गबन की आशंका:
आरोप है कि प्रबंधक के पद पर रहते हुए अख्तर अली द्वारा अपने निकट संबंधियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती थी, लेकिन उन्होंने नियमों की अनदेखी कर विभाग से धोखाधड़ी की। इन अवैध नियुक्तियों के माध्यम से शासकीय कोष से वेतन आदि के रूप में धनराशि आहरित कर उसका दुरुपयोग एवं गबन किया गया है।
शिकायत कर्ता शब्बीर अहमद ने पूरे मामले पर मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया है कि पूर्व प्रबंधक अख्तर अली के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना और शासकीय धन के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई जाए। साथ ही, उनके द्वारा की गई सभी अवैध नियुक्तियों को निरस्त करते हुए शासकीय कोष से आहरित धनराशि की वसूली सुनिश्चित की जाए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।