संतकबीरनगर में तैनात पुलिस विभाग के दो वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारियों पर अवैध वसूली, उत्पीड़न और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। खलीलाबाद के निवासी शिव कुमार पुत्र रामसेवक ने पुलिस अधीक्षक महोदय को एक लिखित शिकायत पत्र दिया है, जिसमें उन्होंने सीओ ट्रैफिक अभय मिश्रा और टीएसआई परमहंश यादव पर अवैध बस और बोलेरो संचालन के बदले प्रतिमाह मोटी रकम लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि सीओ ट्रैफिक अभय मिश्रा अवैध रूप से संचालित प्रत्येक निजी चार पहिया वाहनों से ₹1500/- प्रतिमाह और टीएसआई परमहंश यादव ₹1000/- प्रतिमाह लेते हैं। बसों के लिए यह रकम ₹5000/- से ₹7000/- प्रतिमाह प्रतिवाहन बताई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, जो वाहन मालिक ‘घूस’ देने से इनकार करते हैं, उनके वाहनों का बार-बार चालान किया जाता है और उन्हें सीज किया जाता है। एसी बसों और आर्टिका गाड़ियों से मोटी रकम लेकर उन्हें हाईवे जहां चलने दिया जाता है वहीं पर सोनी होटल और नेदुला पर ठहरने दिया जाता है। गोरखपुर से लखनऊ व अन्य शहरों में जाने वाली एसी बसों और आर्टिका गाड़ियों से भी मोटी रकम लेने के बदले हाईवे पर ठहरने का आरोप है।शिकायत पत्र में यह भी दावा किया गया है कि इन दोनों अधिकारियों ने इन ‘कृत्यों’ से अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है। उदाहरण के तौर पर टीएसआई परमहंश यादव द्वारा गोरखपुर-देवरिया बाईपास पर लगभग 4000 वर्गफीट जमीन पर 3 मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा है। शिकायतकर्ता शिव कुमार ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा है कि दोनों अधिकारियों ने उन्हें फर्जी मुकदमा और गुंडा एक्ट लगवाकर जेल भेजने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके साथ कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी इन दोनों अधिकारियों की होगी। शिकायतकर्ता ने कहा है कि इन अधिकारियों के कृत्यों से पुलिस विभाग की छवि काफी खराब हो चुकी है।
शिकायतकर्ता की मांग:
शिकायतकर्ता शिव कुमार ने पुलिस अधीक्षक महोदय से इस पत्र का संज्ञान लेने और विभाग की छवि को बचाने तथा मोटर स्वामियों के परिवार की संवेदनाओं को देखते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने दोनों अधिकारियों के प्राइवेट मोबाइलों को सर्विलांस एवं लोकेशन पर लगाकर सत्यता की जांच करने का भी अनुरोध किया गया है।