
तीनों तहसीलों में आईं कुल 191 शिकायतें, 36 मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण
संतकबीरनगर। शासन की मंशा के अनुरूप जिले के नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए शनिवार को तीनों तहसीलों में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। खलीलाबाद तहसील में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कमान संभाली, जबकि धनघटा में एडीएम और मेहदावल में सीडीओ ने फरियादियों की समस्याओं का संज्ञान लिया। पूरे जिले में कुल 191 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिनमें से 36 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
खलीलाबाद तहसील में जनसुनवाई करते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि केवल कागजों पर शिकायतों का निस्तारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही सेवा का मुख्य पैमाना है। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद और पैमाइश से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी का संवेदनशील चेहरा भी सामने आया। कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए डीएम ने तहसील आए गरीब और असहाय फरियादियों को कंबल वितरित किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद में ठंड से बचाव के लिए रैन बसेरों और अलाव की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जनपद की तीनों तहसीलों में कुल 191 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से खलीलाबाद में सर्वाधिक 115 मामले आए, जिसमें 22 का निस्तारण हुआ। धनघटा में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश की अध्यक्षता में 50 प्रार्थना पत्रों में से 10 का निस्तारण किया गया। वहीं, मेहदावल तहसील में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने 26 शिकायतों को सुना, जिनमें से 4 का मौके पर समाधान कराया गया। कुल 23 मामलों में जांच के लिए टीमें रवाना की गईं।
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई की। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि पुलिस से संबंधित हर मामले में मौके पर जाकर निष्पक्ष कार्यवाही करें ताकि पीड़ित पक्ष को भटकना न पड़े।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. रामानुज कनौजिया, एसडीएम खलीलाबाद अरुण कुमार, एसडीएम धनघटा डॉ. सुनील कुमार, एसडीएम मेहदावल संजीव राय, तहसीलदार आनंद कुमार ओझा, डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के तमाम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।