Time in United States now
सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है
[caption id="attachment_27163" align="alignnone" width="300"] दैनिक जागरण ने मासूम की मौत मामले को लेकर प्रकाशित की थी खबर।परिजनों ने अखबार के जिम्मेदारों के प्रति जताया आभार![/caption]
 
संतकबीरनगर - क्या एक जीवन रक्षक टीका किसी की जान ले सकता है? मगहर के मोहनलालपुर मोहल्ले में दो महीने के मासूम की मौत ने पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है। परिजनों का सीधा आरोप एएनएम की लापरवाही पर है, जबकि विभाग इसे महज एक संयोग बता रहा है। अब इस रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए मासूम के शव को दोबारा कब्र से निकाला जाएगा।
बताते चले कि बुधवार दोपहर 12 बजे, कुलदीप मिश्रा अपने दो माह के कलेजे के टुकड़े को पीएचसी लेकर पहुंचे थे। वहां 'पेंटा फर्स्ट' का टीका लगा और दो बूंद ड्रॉप पिलाई गई। किसे पता था कि यह दवा सुरक्षा नहीं, बल्कि काल बन जाएगी। टीका लगने के कुछ देर बाद ही मासूम को तेज बुखार चढ़ा। रात में बच्चे को पैरासिटामोल पिलाया गया लेकिन गुरुवार सुबह बच्चे की हालत बिगड़ी, उल्टियां शुरू हुईं और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए। नाक से खून बहने लगा और देखते ही देखते मासूम ने दम तोड़ दिया।
मामला तब और पेचीदा हो गया जब परिजनों ने बच्चे का अंतिम संस्कार (मिट्टी संस्कार) कर दिया, लेकिन न्याय की आस में अब पोस्टमार्टम की मांग की है।
वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने आदेश जारी किया है कि पुलिस की मौजूदगी में शव को जमीन से निकाला जाए ताकि वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम हो सके। इस मामले में आरोपों से घिरी एएनएम रजनी शा का कहना है कि उन्होंने उसी वैक्सीन की वायल से दो अन्य बच्चों को भी टीका लगाया था, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं।फिलहाल अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

मगहर में “मासूम” की मौत का मामला..! ‘टीका’ या महज इत्तेफाक? अब कब्र से बाहर आएगा सच

दैनिक जागरण ने मासूम की मौत मामले को लेकर प्रकाशित की थी खबर।परिजनों ने अखबार के जिम्मेदारों के प्रति जताया आभार!

 

संतकबीरनगर – क्या एक जीवन रक्षक टीका किसी की जान ले सकता है? मगहर के मोहनलालपुर मोहल्ले में दो महीने के मासूम की मौत ने पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है। परिजनों का सीधा आरोप एएनएम की लापरवाही पर है, जबकि विभाग इसे महज एक संयोग बता रहा है। अब इस रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए मासूम के शव को दोबारा कब्र से निकाला जाएगा।
बताते चले कि बुधवार दोपहर 12 बजे, कुलदीप मिश्रा अपने दो माह के कलेजे के टुकड़े को पीएचसी लेकर पहुंचे थे। वहां ‘पेंटा फर्स्ट’ का टीका लगा और दो बूंद ड्रॉप पिलाई गई। किसे पता था कि यह दवा सुरक्षा नहीं, बल्कि काल बन जाएगी। टीका लगने के कुछ देर बाद ही मासूम को तेज बुखार चढ़ा। रात में बच्चे को पैरासिटामोल पिलाया गया लेकिन गुरुवार सुबह बच्चे की हालत बिगड़ी, उल्टियां शुरू हुईं और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए। नाक से खून बहने लगा और देखते ही देखते मासूम ने दम तोड़ दिया।
मामला तब और पेचीदा हो गया जब परिजनों ने बच्चे का अंतिम संस्कार (मिट्टी संस्कार) कर दिया, लेकिन न्याय की आस में अब पोस्टमार्टम की मांग की है।
वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी ने आदेश जारी किया है कि पुलिस की मौजूदगी में शव को जमीन से निकाला जाए ताकि वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम हो सके। इस मामले में आरोपों से घिरी एएनएम रजनी शा का कहना है कि उन्होंने उसी वैक्सीन की वायल से दो अन्य बच्चों को भी टीका लगाया था, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं।फिलहाल अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

Leave a Reply

error: Content is protected !!