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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर- थाना कोतवाली खलीलाबाद के बरईपार गांव में हुए चर्चित दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मृतका के पति, सास और ससुर को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि डारीडीहा निवासी अनीता देवी ने अपनी पुत्री पुनीता की शादी 13 मई 2022 को बरईपार निवासी राजेश के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति राजेश, ससुर राम प्रसाद चौहान और सास पन्ना देवी दहेज में पचास हजार रुपये की मांग को लेकर पुनीता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। मृतका ने कई बार अपने मायके वालों को ससुराल में हो रहे जुल्मों की जानकारी दी थी, जिस पर मायके पक्ष ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए आरोपियों को समझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन उनकी मांग कम नहीं हुई। विवाह के मात्र छह माह के भीतर ही 25/26 नवंबर 2022 की रात पुनीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर जब मायके वाले पहुंचे तो पुनीता का शव घर के बाहर जमीन पर पड़ा मिला और आरोपी मौके से फरार थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत सात साक्ष्यों और ठोस दलीलों के आधार पर सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को पुनीता की मौत का दोषी पाया। न्यायालय ने पति राजेश, ससुर राम प्रसाद और सास पन्ना देवी को दस-दस वर्ष के कारावास के साथ पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

दहेज हत्या के दोषी पति, सास और ससुर को दस-दस वर्ष का कठोर कारावास

संतकबीरनगर- थाना कोतवाली खलीलाबाद के बरईपार गांव में हुए चर्चित दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मृतका के पति, सास और ससुर को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि डारीडीहा निवासी अनीता देवी ने अपनी पुत्री पुनीता की शादी 13 मई 2022 को बरईपार निवासी राजेश के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति राजेश, ससुर राम प्रसाद चौहान और सास पन्ना देवी दहेज में पचास हजार रुपये की मांग को लेकर पुनीता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। मृतका ने कई बार अपने मायके वालों को ससुराल में हो रहे जुल्मों की जानकारी दी थी, जिस पर मायके पक्ष ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए आरोपियों को समझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन उनकी मांग कम नहीं हुई।
विवाह के मात्र छह माह के भीतर ही 25/26 नवंबर 2022 की रात पुनीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर जब मायके वाले पहुंचे तो पुनीता का शव घर के बाहर जमीन पर पड़ा मिला और आरोपी मौके से फरार थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत सात साक्ष्यों और ठोस दलीलों के आधार पर सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को पुनीता की मौत का दोषी पाया। न्यायालय ने पति राजेश, ससुर राम प्रसाद और सास पन्ना देवी को दस-दस वर्ष के कारावास के साथ पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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