
संतकबीरनगर: सामाजिक सरोकारों और परोपकार के कार्यों में सदैव अग्रणी रहने वाली अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की महिला प्रकोष्ठ ने आज मानवता की सेवा की एक नई इबारत लिखी। जनपद के खलीलाबाद इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ‘कबीर बाल आश्रम’ में रह रहे अनाथ बच्चों के बीच पहुंचकर संगठन की महिला पदाधिकारियों ने न केवल उनकी जरूरतों का सामान भेंट किया, बल्कि बच्चों के साथ समय बिताकर उन पर ममता और स्नेह भी लुटाया। कबीर मठ मगहर के महंत विचार दास जी की विशेष उपस्थिति में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बच्चों के चेहरे उस वक्त खिल उठे, जब उन्हें उपहार स्वरूप दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुएं प्राप्त हुईं। भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए संगठन द्वारा आश्रम के बच्चों के लिए इलेक्ट्रिक पंखे, मच्छरदानी, ताजे फल और बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए खेल-कूद की विभिन्न सामग्रियां वितरित की गईं।
इस अवसर पर संगठन की पदाधिकारियों ने बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का संचार करते हुए उन्हें जीवन में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला दिया। अध्यक्षा समेत सभी सदस्यों ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें मन लगाकर पढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि अभाव कभी भी प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बनते। उन्होंने बच्चों को भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और पीसीएस जैसे सम्मानित पदों पर आसीन होकर राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प दिलाया। उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की महिला इकाई केवल वर्तमान में ही नहीं, बल्कि कठिन से कठिन समय में भी समाज के साथ खड़ी रही है। कोविड काल की विभीषिका के दौरान भी इस संगठन ने स्थानीय जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराने और प्रवासी मजदूरों की निस्वार्थ सहायता करने में उल्लेखनीय योगदान दिया था, जिसकी जिले भर में सराहना हुई थी।
आज के इस सेवा संकल्प अभियान में संगठन की संरक्षक श्रीमती ऊषा श्रीवास्तव, अध्यक्ष श्रीमती ऊषा किरण श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष द्वय श्रीमती चित्रा श्रीवास्तव व डॉ. मनोरमा श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष डॉ. शिखा श्रीवास्तव तथा महासचिव श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव ने मुख्य भूमिका निभाई। इनके साथ ही श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव, श्रीमती दीपाली श्रीवास्तव, श्रीमती रत्नप्रिया श्रीवास्तव और श्रीमती हिरोशिमा श्रीवास्तव ने भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहकर बच्चों के बीच खुशियां बांटीं। कार्यक्रम के अंत में सभी महिला पदाधिकारियों ने एक स्वर में इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और संकल्प लिया कि समाज के वंचित और असहाय वर्गों के उत्थान के लिए उनका यह सेवा अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।