संतकबीरनगर। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन में SOG और थाना मेंहदावल पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर झपटमारी व छिनैती करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को धर दबोचा है। पुलिस टीम ने यह सराहनीय कामयाबी मुखबिर की सटीक सूचना पर मेंहदावल-नौलखा मार्ग स्थित मुहिया पुल के पास से घेराबंदी करके हासिल की। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से पुलिस ने 02 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, 04 अदद मोबाइल, 06 अदद सिम कार्ड, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, चाभी का गुच्छा, पर्स, लाल मिर्च पाउडर और लूट की चेन बेचकर कमाया गया 10,000 रुपये नकद बरामद किया है।
इस बड़ी कामयाबी का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मो० कामिल उर्फ अली (पुत्र नौशाद अली, निवासी सीधाीपुर, थाना गोरखनाथ, गोरखपुर) और मो० अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे (पुत्र स्व० अब्दुल समद, निवासी सुन्नीपुर, थाना कोतवाली, गोरखपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि दोनों अभियुक्त बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिन पर पहले से भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि वादी इरशाद अहमद ने थाना मेंहदावल में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि 23 मई 2026 की शाम को उनकी मां घर के सामने बैठी थीं, तभी मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात बदमाशों ने पानी मांगने के बहाने पास आकर उनकी मां के गले से सोने की चेन जबरन छीन ली और फरार हो गए। इस शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना मेंहदावल मे मु०अ०सं० 223/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में अभियुक्तों ने जुर्म कबूल करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे नशे के आदी हैं और अपनी आर्थिक तंगी दूर करने के लिए सुनसान जगहों पर घूम-घूमकर झपटमारी व चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। अभियुक्त मो० अहमद ने यह भी स्वीकार किया कि साल 2020 में चोरी के पैसों के बंटवारे को लेकर उसने अपने ही एक साथी की पत्थर और ब्लेड से गला रेतकर हत्या कर दी थी। अभियुक्तों ने बताया कि गोरखपुर शहर में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के कारण वे पकड़े जाने के डर से ग्रामीण इलाकों को अपना निशाना बनाते थे। पहचान छिपाने के लिए वे वारदात के वक्त कैप पहनते थे और मुंह ढक लेते थे। विरोध होने पर लोगों की आंखों में झोंकने के लिए वे अपने पास हमेशा लाल मिर्च पाउडर भी रखते थे। 23 मई की घटना के संबंध में उन्होंने कुबूल किया कि महिला से लूटी गई सोने की चेन को उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति को 25,000 रुपये में बेच दिया था, जिसमें से बचे हुए 10,000 रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। इस बेहतरीन गुड वर्क को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी एसओजी रजनीश राय, निरीक्षक थाना मेंहदावल राकेश कुमार सिंह, उ०नि० आशुतोष मणि त्रिपाठी, उ०नि० मैनेजर यादव समेत एंटी थेफ्ट सेल व सर्विलांस टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे.