BJP संगठन के मौन साधक नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को मिली राष्ट्रीय कमान सादगी….
समर्पण और बेजोड़ रणनीतिक कौशल के चलते कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह…..

रिपोर्ट: कुलदीप मिश्र
संतकबीरनगर:भारतीय जनता पार्टी संगठन के पुनर्गठन की दिशा में सोमवार को एक युगांतरकारी फैसला लेते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को राष्ट्रीय संगठक (वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क) बनाया है। इस ऐतिहासिक और गौरवमयी नियुक्ति पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं संत कबीर विद्यापीठ महाविद्यालय मगहर के प्रबंधक राकेश मिश्र ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे संगठन के हित में एक दूरगामी निर्णय बताया है। श्री मिश्र ने कहा कि नागेंद्र नाथ त्रिपाठी जैसे अत्यंत वरिष्ठ, अनुभवी, संगठननिष्ठ एवं कर्मयोगी नेता को राष्ट्रीय पटल पर यह जिम्मेदारी मिलना प्रत्येक जमीनी कार्यकर्ता के लिए गौरव की बात है। उनके आजीवन समर्पण, कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय जुड़ाव तथा विशाल सांगठनिक अनुभव का सीधा लाभ अब राष्ट्रीय स्तर पर पूरी पार्टी को प्राप्त होगा। राकेश मिश्र ने नागेंद्र जी के विराट व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी सादगी, बेजोड़ संगठनात्मक कौशल एवं मार्गदर्शक भूमिका हमेशा से अनगिनत कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का मुख्य स्रोत रही है। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि नागेंद्र जी के कुशल नेतृत्व और नीतिगत मार्गदर्शन में भाजपा संगठन देश भर में सफलता की नई ऊँचाइयों को छुएगा तथा उनके इस यशस्वी कार्यकाल से राष्ट्र निर्माण के पावन संकल्प को और अधिक गति मिलेगी।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के बेलौली गांव के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे नागेंद्र नाथ त्रिपाठी का जीवन सादगी, तपस्या और कठोर पुरुषार्थ का जीवंत दस्तावेज है। स्कूली दिनों में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आकर प्रचारक के रूप में जीवन समर्पित करने वाले नागेंद्र जी की कार्यशैली और कार्यप्रणाली भारतीय राजनीति में किसी मौन साधक जैसी है। उनकी सबसे बड़ी ताकत बिना किसी प्रचार-प्रसार और तड़क-भड़क के पर्दे के पीछे रहकर संगठन की ऐसी अभेद्य दीवार खड़ी करना है जिसे भेद पाना विरोधियों के लिए असंभव होता है। बूथ स्तर के अदने से कार्यकर्ता को भी गले लगाने का आत्मीय हुनर और चुनावी चक्रव्यूह रचने का उनका अद्भुत रणनीतिक कौशल उन्हें एक बेजोड़ संगठनकर्ता बनाता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से लेकर साल 2003 में उत्तर प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में उनके शानदार 8 वर्षों के कार्यकाल को आज भी संगठन का स्वर्ण काल माना जाता है जहाँ उन्होंने हर बूथ को अभेद्य किला बना दिया था। इसके बाद 2011 में बिहार भाजपा के संगठन महामंत्री और फिर 2021 में बिहार-झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में उन्होंने पार्टी और संघ के बीच समन्वय का ऐसा अनुपम पुल तैयार किया जिसने दोनों राज्यों की राजनीतिक दिशा बदल दी। सार्वजनिक मंचों की चकाचौंध से कोसों दूर रहकर बंद कमरों की रणनीतिक बैठकों में उनके द्वारा लिए गए अचूक फैसले हमेशा मील का पत्थर साबित हुए हैं। सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति नागेंद्र जी को अब राष्ट्रीय स्तर पर कार्यकर्ता संपर्क की कमान मिलने से देश भर के कार्यकर्ताओं में एक अभूतपूर्व ऊर्जा और उत्साह का संचार हो गया है।