
संतकबीरनगर: महान सूफी संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली मगहर का मोहनलालपुर वार्ड इन दिनों नगर पंचायत की अद्भुत सफाई कला का साक्षात उदाहरण बना हुआ है। देश-दुनिया में स्वच्छता का डंका बजाने वाले प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के अभियानों पर मगहर की चेयरमैन अनवरी बेगम उनके प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी ईओ और स्थानीय सभासद अतुल श्रीवास्तव मिलकर दिन-रात पलीता लगा रहे हैं। नगर पंचायत कार्यालय के ठीक बगल में स्थित इस वार्ड की सड़कों पर गंदा पानी और कचरा नहीं बल्कि जिम्मेदार अफसरों की बेशर्मी तैर रही है। सरकारी गौशाला से निकलने वाले गोबर और भूसे को समरसेबल से हजारों लीटर पानी बर्बाद करके सीधे नालियों में बहाया जा रहा है। नतीजन नालियां लबालब होकर सड़कों पर बह रही हैं और राहगीर मासूम बच्चे व बुजुर्ग इस प्रशासनिक कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ऐतिहासिक पर्यटन स्थल का यह हाल बता रहा है कि मगहर प्रशासन स्वच्छता की बात सिर्फ फाइलों में करता है बाकी सड़कों पर तो बदबू और बीमारियों का ही राज है।
हैरत की बात यह है कि सफाई कर्मचारी नालियों की गंदगी निकालकर सड़क पर ऐसे लावारिस छोड़ देते हैं मानो कोई कलाकृति सजा रहे हों जो बारिश आते ही वापस राहगीरों के कपड़ों और घरों तक पहुँच जाती है। चेयरमैन से लेकर सभासद तक आधा दर्जन जनप्रतिनिधियों की नाक के नीचे जनता नारकीय जीवन जीने को मजबूर है, लेकिन साहब लोग गहरी नींद में मस्ती काट रहे हैं। डेंगू और संक्रामक बीमारियों का खतरा सिर पर मंडरा रहा है मगर जिम्मेदार आंखें मूंदे तमाशा देख रहे हैं। थक-हारकर अब स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि कम से कम हफ्ते में तीन दिन नालियों की सफाई हो टूटी सड़कें बनें और पानी की इस खुल्लम-खुल्ला डकैती को रोका जाए। अब देखना यह है कि एसी कमरों में बैठे आला हुक्मरानों की नींद इस बजबजाते गोबर और जनता के आक्रोश से खुलती है या मगहर ऐसे ही लावारिस पड़ा रहेगा।