-गैस रेगुलेटर से निकली चिंगारी ने मचाई तबाही, ढाई लाख के जेवर और बाइक समेत सबकुछ जला; बच्चों को सुरक्षित निकाला गया
सेमरियावा।
दुधारा थानाक्षेत्र के बन्नी गांव में शुक्रवार सुबह गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से निकली चिंगारी ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सुबह करीब छह बजे खाना बनाते समय लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घर में रखा कपड़ा, बर्तन, बिस्तर, अनाज, चारपाई, बेड, मोबाइल फोन, नकदी, जेवर और बाइक समेत गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, हादसे में चार लाख रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हो गई।
बन्नी गांव निवासी राजेश चौहान पुत्र श्यामलाल की पत्नी सरिता देवी शुक्रवार सुबह घर में खाना बना रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से चिंगारी निकली और आग लग गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आग ने पूरे घर में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में सो रहे बच्चों को तत्काल बाहर निकाल लिया गया, जिससे उनकी जान बच गई।
—ढाई लाख के जेवर, नकदी और बाइक भी राख
आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में राजेश चौहान की सीडी डीलक्स बाइक, मोबाइल फोन, कपड़े, बर्तन, बिस्तर, अनाज और घरेलू उपयोग का अन्य सामान जल गया। इसके अलावा करीब ढाई लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर, जिनमें मंगलसूत्र, झुमकी, झाला और तीन जोड़ी पायल शामिल हैं, आग की भेंट चढ़ गए। घर में रखे करीब दस हजार रुपये नकद भी जलकर नष्ट हो गए।
हालांकि, ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए रसोई गैस सिलेंडर को बाहर निकाल लिया। यदि सिलेंडर आग की चपेट में आ जाता, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
—मुंबई में रहते हैं गृहस्वामी, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राजेश चौहान मुंबई में रहते हैं और फिलहाल वहीं हैं। घटना के समय घर पर उनकी पत्नी सरिता देवी और तीन बच्चे मौजूद थे। उनके भाई राजू चौहान और राकेश चौहान भी परिवार के साथ इसी मकान में रहते हैं, लेकिन अलग कमरों में होने के कारण उनका सामान आग की चपेट में आने से बच गया।
आग लगने के बाद ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। दमकल टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने एकजुट होकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। सूचना पर बाघनगर चौकी प्रभारी अनिल प्रकाश पांडेय भी मौके पर पहुंचे।
—लेखपाल ने किया नुकसान का आकलन, मदद की मांग
आग में गृहस्थी का सारा सामान जल जाने से पीड़ित परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सूचना मिलने पर हल्का लेखपाल सुधांशु गर्ग मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।