विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर जिला अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष त्रिपाठी ने किया जागरूक, मरीज की सुरक्षा में अहम है एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की भूमिका
संतकबीरनगर। ऑपरेशन छोटा हो या बड़ा, एनेस्थीसिया को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। सर्जरी कराने जा रहे मरीज एनेस्थीसिया डॉक्टर से जरूर मिलें, अपनी बीमारी और दवाओं की जानकारी दें और मन में उठ रहे सवालों का जवाब लें। विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर जिला अस्पताल के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष त्रिपाठी ने लोगों को यह अहम सलाह दी।
हर साल 16 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व एनेस्थीसिया दिवस का मकसद दर्द से राहत देने वाली इस चिकित्सा पद्धति के महत्व और सर्जरी के दौरान मरीजों की सुरक्षा में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस मौके पर डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि सुरक्षित ऑपरेशन के लिए सर्जन के साथ एनेस्थीसिया डॉक्टर की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
ऑपरेशन के दौरान मरीज की सांस, हृदय गति और रक्तचाप पर नजर रखने से लेकर दर्द को नियंत्रित करने तक, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की जिम्मेदारी अहम होती है। ऐसे में मरीज अपनी पुरानी बीमारियों, एलर्जी, नियमित दवाओं और पहले हुए ऑपरेशन की जानकारी डॉक्टर से न छिपाएं।
डॉ. त्रिपाठी ने अपील की कि एनेस्थीसिया को लेकर किसी भी तरह के डर या भ्रम में रहने के बजाय विशेषज्ञ से खुलकर बात करें। ऑपरेशन से पहले डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें, ताकि सर्जरी को सुरक्षित बनाने में मदद मिल सके।