संतकबीरनगर में घाघरा में नदी का जलस्तर बढ़ने से अफरा-तफरी मचने लगी है। नदी के पानी से गांव घिरने लगे हैं। इससे किसानों के साथ ग्रामीणों नींद गायब है। पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते घाघरा नदी अपने खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही है जिसके चलते इलाके के कई गाँव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, ग्रामीण खुद को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षित स्थानों की तरफ नाव द्वारा पलायन कर रहें हैं।
आपको बता दें कि बरसात के दिनों में हर साल कहर बरपाने वाली धनघटा तहसील की घाघरा नदी इस बार भी उफान पर है, नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर उपर बह रही है, नदी और बांध के बीच बसे दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। लोगों को अब भय सताने लगा है। जिसके चलते लोग अब नाव के सहारे दूसरे जगहों की ओर पलायन कर रहें हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने अभी तक कोई भी सुविधाएं नही दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के चलते घाघरा नदी उफान पर है, सरकार द्वारा कोई व्यवस्था न किये जाने के कारण सभी डरे हुए है। आपको बता दें कि धनघटा तहसील क्षेत्र के गायघाट, सियर कला, शीतलपुरवा, दौलतपुर, गुनवतिया, ढोलबजा, खैरगाड़, कटहा, कंचनपुर, गुलरिहा, चपरा पूर्वी, चकदहा, सरैया खरैया, धमचिया, खालेपुरवा समेत अन्य गांव में बढ़ते नदी के जलस्तर से घिर चुके हैं। पूरे मामले पर डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, क्षेत्र में नावों की व्यवस्था कर दी गयी है, पशुओं के चारे की व्यवस्था के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ हेल्थ डिपार्टमेंट और तहसील कर्मी लगातार स्थिति पर नजर जमाये हुए है, प्रशासन सभी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।