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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर - अपने खुद के कार्यकाल मे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुमताज़ अहमद का बड़ा बयान सामने आया है। मौजूदा प्रमुख मजहरू निशा उनकी मां हैँ जिनके कार्यकाल मे क्षेत्र का विकास् ठप्प सा पड़ा है, यह विकास क्यों रुका है ये सब लोग भलीभांति जानते हैं। गरीबी की कोंख से जन्मे मुमताज़ अहमद ने तप्पा उजियार यानी सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के विकास के लिए अपने कार्यकाल मे कोई कमी नही की, ब्लॉक हेडकवार्टर की सूरत बदलने के साथ क्षेत्र के तमाम गांवो की सड़को के निर्माण के साथ भौतिक सुविधाएं ग्रामीणों को देने वाले मुमताज़ अहमद की मां जब प्रमुख बनी तब से लेकर अब तक सत्ता पक्ष के लोग क्षेत्र के विकास मे बाधक बन रहें हैं। बाबजूद इसके पूर्व प्रमुख मुमताज़ को सत्ताई लोग हिला नही सके क्योंकि मुमताज़ का नेचर साफ है, मुमताज़ राजनीति नही जानते वो सिर्फ जनसेवा को मानते है, अपना दर्द बयान करते हुए उन्होने ये ही कहा। उन्होंने कहा कि वो सत्ता के लालची नही, उन्हे सिर्फ जनता के दुःख दर्द से वास्ता है, कुर्सी की चाहत के बजाय वो जनता की सेवा बिना पद पर रहें कर सकते है। बिगत कई दिनों से इलाकाई लोगों के सुख दुःख मे शामिल होकर मुमताज़ ने ये संदेश भी दिया कि भले ही वो दो कौड़ी के मोहताज हो जाय पर जनता के लिए वो खून् का अंतिम कतरा तक बहा देंगे।

सत्ता का लालची नही जनता के सुख दुःख का मै हुँ साथी-“मुमताज़”

संतकबीरनगर – अपने खुद के कार्यकाल मे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुमताज़ अहमद का बड़ा बयान सामने आया है। मौजूदा प्रमुख मजहरू निशा उनकी मां हैँ जिनके कार्यकाल मे क्षेत्र का विकास् ठप्प सा पड़ा है, यह विकास क्यों रुका है ये सब लोग भलीभांति जानते हैं। गरीबी की कोंख से जन्मे मुमताज़ अहमद ने तप्पा उजियार यानी सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के विकास के लिए अपने कार्यकाल मे कोई कमी नही की, ब्लॉक हेडकवार्टर की सूरत बदलने के साथ क्षेत्र के तमाम गांवो की सड़को के निर्माण के साथ भौतिक सुविधाएं ग्रामीणों को देने वाले मुमताज़ अहमद की मां जब प्रमुख बनी तब से लेकर अब तक सत्ता पक्ष के लोग क्षेत्र के विकास मे बाधक बन रहें हैं। बाबजूद इसके पूर्व प्रमुख मुमताज़ को सत्ताई लोग हिला नही सके क्योंकि मुमताज़ का नेचर साफ है, मुमताज़ राजनीति नही जानते वो सिर्फ जनसेवा को मानते है, अपना दर्द बयान करते हुए उन्होने ये ही कहा। उन्होंने कहा कि वो सत्ता के लालची नही, उन्हे सिर्फ जनता के दुःख दर्द से वास्ता है, कुर्सी की चाहत के बजाय वो जनता की सेवा बिना पद पर रहें कर सकते है। बिगत कई दिनों से इलाकाई लोगों के सुख दुःख मे शामिल होकर मुमताज़ ने ये संदेश भी दिया कि भले ही वो दो कौड़ी के मोहताज हो जाय पर जनता के लिए वो खून् का अंतिम कतरा तक बहा देंगे।

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