

बिहारयात्रावृतांत…….
वैवाहिक निमंत्रणों के सिलसिले में बीते 06 दिनों से अपने ससुराल बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण जिले के हेडक्वार्टर बेतिया में हूं! विभिन्न निमंत्रणों में उपस्थिति दर्ज कराने के साथ ही साथ यहां के ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों के दर्शन भी स-परिवार कर रहा हूं। पश्चिमी चंपारण के हेड क्वार्टर बेतिया में बेतिया राज के महलों के साथ पवित्र तीर्थ स्थल कहे जाने वाले चमत्कारी मां मंदिर #काली_बाग मंदिर के दर्शनोपरांत विगत 02 दिनों से जनपद क्षेत्र के वाल्मीकि नगर क्षेत्र में प्रवास कर रहा हूं। यहां स्थित टाइगर रिजर्व में बीते दो दिनों से आना जाना, घूमना फिरना लगा हुआ है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र बहुत ही घना है। इसी वन्य क्षेत्र में एक देवी शक्ति पीठ है जिसे वन देवी कोट माई स्थल के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी इस शक्ति पीठ गए। पूजन अर्चन के साथ माता के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिए। इस दौरान इस शक्ति स्थल के पुजारी सनत राम जी से मेरी बातचीत हुई। बातचीत के क्रम में उन्होंने मंदिर की मान्यताओं आदि के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह शक्ति पीठ काफी चमत्कारी है, यहां पर आकर मन्नत मांगने वाले भक्तों को मां कोट माई कभी निराश नहीं करती है, यहां से आजतक कोई निराश होकर नहीं लौटा है। शक्ति पीठ के पुजारी बेहद साधारण जीवन जीते है, आने जाने वाले लोगों की सुविधाओं के लिए उनसे जो बन पाता है वो करते हैं। शक्ति पीठ की स्थापना के बारे में उन्होंने बताया कि काफी वर्षों पहले यहां पर एक तपस्वी #लखिया बाबा रहते थे जिन्हें दिन में ही बाघ पर सवार मां आदि शक्ति दिखाई दी थी, पुजारी बाबा सनत राम ने बताया कि बाबा लखिया ने ही इस घने जंगल में इस शक्ति पीठ पिंडी स्थल का निर्माण कराया जिसे आज वन देवी कोट माई स्थल के रूप में पहचान मिली है। पुजारी सनत राम जी ने बताया कि आज भी माता बाघ पर सवार होकर रातों में प्रायः देखी जाती है।
शक्ति पीठ स्थल के पुजारी सनत राम जी की बातों को ध्यान पूर्वक सुनने के बाद मैने उनसे पूंछा कि बाबा यह शक्ति पीठ स्थल अबतक बड़े तीर्थ स्थल के रूप में विकसित क्यों नहीं हो सका? तब उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब माई की इच्छा होगी तब हो जायेगा। मैने पूंछा क्यों?क्या सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही? तब फिर बाबा सनत राम मंद मंद मुस्काए और कहा कि जैसी माई की इच्छा!
खैर बाबा से हुई बातचीत के बाद दिल और दिमाग ने कहा कि बिना सुविधाओं के ही सैकड़ों लोग हर रोज यहां पूजा अर्चना करने को आते हैं अगर सरकार यहां का विकास कराए और सुविधाएं मुहैया करावे तो यह शक्ति पीठ स्थल बड़ा धार्मिक स्थल का रूप ले सकता है। चूंकि यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आता है इसलिए दूर दूर से सैलानी भी यहां आते है जो सुविधाएं पाने पर मां मंदिर दर्शन हेतु जा सकते है। पश्चिमी चंपारण जिले के इस स्थल को जो कि सरकारी उपेक्षा का शिकार है, जहां वन देवी का शक्ति पीठ है उस स्थल के विकास बाद यहां पर पर्यटन को जहां बढ़ावा मिलेगा वहीं रोजगार के भी अवसर उपलब्ध होंगे। #बिहार सरकार से मेरी यही अपील है कि आप लोग भी उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का अनुसरण कर ऐसे प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को जीर्णोद्धार, विकास कराए। ऐसा करने से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा तो मिलेगा ही साथ ही राजस्व की भी प्राप्ति होगी।

पत्रकारिता क्षेत्र में लगभग 18 वर्षों से सक्रिय श्री अजय कुमार श्रीवास्तव सत्यमेव टाइम्स न्यूज संस्थान के संस्थापक और संपादक हैं।