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सत्यमेव टाइम्स में आपका स्वागत है संतकबीरनगर जिले के जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर आज मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) और जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक हुई। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। लंबित ऋणों पर सख्त निर्देश बैठक में सीडीओ ने जनपद के सभी बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों को राज्य के सीडी रेशियो के बराबर पहुंचने के लिए लंबित ऋण आवेदनों को तुरंत स्वीकृत करने और पात्र लाभार्थियों को ऋण वितरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन में कमी पाई जाती है, तो उसे एक निश्चित समय-सीमा के भीतर स्पष्ट कारण बताते हुए ही अस्वीकृत किया जाए। सरकारी योजनाओं में बैंकों की लापरवाही पर संबंधित बैंक अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वार्षिक ऋण और अन्य योजनाओं की समीक्षा सीडीओ ने वार्षिक ऋण योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से योजना-वार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बैंकों से लंबित ऋण आवेदनों को तुरंत निपटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अपूर्ण आवेदनों को संबंधित विभाग, बैंक और आवेदक के बीच समन्वय स्थापित करके पूरा किया जाए और नियमानुसार स्वीकृत किया जाए। सीडीओ ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सफल बनाने में बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए बैंक अधिकारियों को इन मामलों में रुचि लेनी चाहिए। आरसेटी प्रशिक्षणार्थियों को ऋण सुविधा मुख्य विकास अधिकारी ने आरसेटी (RSETI) के निदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए। बैठक में नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक मनीष कुमार, डीसी मनरेगा डॉ. प्रभात द्विवेदी, एलडीएम पवन कुमार सिंन्हा, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, एआर अनूप मिश्रा, मत्स्य निरीक्षक शशि प्रकाश, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज और सभी बैंकों के जिला समन्वयक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

CDO ने बैंकों को सरकारी योजनाओं के लंबित ऋणों को स्वीकृत करने का दिया निर्देश

संतकबीरनगर जिले के जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर आज मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) और जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक हुई। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।

लंबित ऋणों पर सख्त निर्देश
बैठक में सीडीओ ने जनपद के सभी बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों को राज्य के सीडी रेशियो के बराबर पहुंचने के लिए लंबित ऋण आवेदनों को तुरंत स्वीकृत करने और पात्र लाभार्थियों को ऋण वितरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन में कमी पाई जाती है, तो उसे एक निश्चित समय-सीमा के भीतर स्पष्ट कारण बताते हुए ही अस्वीकृत किया जाए। सरकारी योजनाओं में बैंकों की लापरवाही पर संबंधित बैंक अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वार्षिक ऋण और अन्य योजनाओं की समीक्षा
सीडीओ ने वार्षिक ऋण योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से योजना-वार प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने बैंकों से लंबित ऋण आवेदनों को तुरंत निपटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अपूर्ण आवेदनों को संबंधित विभाग, बैंक और आवेदक के बीच समन्वय स्थापित करके पूरा किया जाए और नियमानुसार स्वीकृत किया जाए। सीडीओ ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सफल बनाने में बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए बैंक अधिकारियों को इन मामलों में रुचि लेनी चाहिए।
आरसेटी प्रशिक्षणार्थियों को ऋण सुविधा
मुख्य विकास अधिकारी ने आरसेटी (RSETI) के निदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक मनीष कुमार, डीसी मनरेगा डॉ. प्रभात द्विवेदी, एलडीएम पवन कुमार सिंन्हा, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, एआर अनूप मिश्रा, मत्स्य निरीक्षक शशि प्रकाश, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज और सभी बैंकों के जिला समन्वयक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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