संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। सरकार के नए निर्णय के अनुसार प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है और इस बढ़े हुए कार्यकाल के दौरान वे खुद ही प्रशासक की भूमिका में रहकर गांवों की कमान संभालेंगे। सरकार के इस दूरदर्शी फैसले और पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के भगीरथ प्रयासों की संतकबीरनगर जिले के सबसे बड़े ब्लॉक सेमरीयाँवा के पूर्व प्रमुख व प्रतिनिधि मुमताज़ अहमद ने जमकर सराहना करते हुए सरकार और मंत्री का आभार जताया है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुमताज़ अहमद ने सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक और ग्रामीण विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री और पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर की कार्यशैली का गुणगान करते हुए कहा कि यह सरकार सचमुच जमीनी स्तर पर लोकतंत्र और गांवों को मजबूत करना चाहती है। मंत्री ओपी राजभर के प्रयासों की तारीफ करते हुए मुमताज़ अहमद ने कहा कि यह उनके कुशल नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही नतीजा है कि आज ग्राम प्रधानों को उनका वास्तविक हक मिला है और बढ़े हुए कार्यकाल में उन्हें ही प्रशासक घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस साहसिक फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी, नौकरशाही का हस्तक्षेप कम होगा और गांवों में तरक्की की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी।
इस बड़े निर्णय के बाद पूरे जिले के पंचायत प्रतिनिधियों में भारी उत्साह है। मुमताज़ अहमद के साथ ही क्षेत्र के तमाम जनप्रतीनिधियों ने एक सुर में कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर की इस शानदार पहल के लिए पूरा ग्रामीण समाज उनका सदैव ऋणी रहेगा। इस फैसले से न सिर्फ प्रधानों का मान-सम्मान बढ़ा है, बल्कि उत्तर प्रदेश के गांवों के चहुंमुखी विकास का मार्ग भी और प्रशस्त हो गया है।