ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की मेहनत लाई रंग…..
#संतकबीरनगर। जिले के पंचायत राज विभाग में लंबे समय से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया। तानाशाही रवैये और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को शासन स्तर से तत्काल प्रभाव से पद से अवमुक्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जनपद के ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों में खुशी की लहर है, जिन्होंने इस तानाशाही के खिलाफ एक लंबी और एकजुट लड़ाई लड़ी थी।
दरअसल, सुल्तानपुर में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी के पद पर तैनात मनोज कुमार यादव को संतकबीरनगर जनपद के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। कार्यभार संभालने के बाद से ही उन पर लगातार मनमाने ढंग से काम करने, तानाशाही रवैया अपनाने और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। जिला स्तर पर उनके इस व्यवहार से त्रस्त होकर जनपद के समस्त ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों ने मोर्चा खोल दिया था। उनकी ओर से लगातार किए गए विरोध प्रदर्शनों, ज्ञापनों और निष्पक्ष जांच की मांग का ही नतीजा है कि शासन को इस मामले में कड़ा कदम उठाना पड़ा।
मामले मे उत्तर प्रदेश शासन के पंचायती राज अनुभाग-1 द्वारा जारी आधिकारिक कार्यालय-ज्ञाप के अनुसार शासनादेश संख्या-1/851752/2025 दिनांक 15.01.2025 द्वारा मनोज कुमार यादव को जो संतकबीरनगर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, उसे तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। शासन के विशेष सचिव राजेश कुमार त्यागी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि निदेशक पंचायती राज (उ.प्र.), जिलाधिकारी संतकबीरनगर व सुल्तानपुर, तथा संबंधित कोषाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। प्रधानों और सचिवों का कहना है कि यह सच्चाई और एकजुटता की जीत है, जिससे अब विकास कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी।