संतकबीरनगर।
गोंसाईपुर गांव के पहलवान ब्रह्मानंद यादव की हत्या ने केवल एक परिवार का चिराग नहीं बुझाया, बल्कि उस मिट्टी को भी गहरा दर्द दिया है, जिसने एक होनहार पहलवान को अपनी पहचान बनाते देखा था। जिला केसरी की उपाधि से सम्मानित ब्रह्मानंद यादव की निर्मम हत्या के बाद गांव में पसरा सन्नाटा और परिजनों की आंखों का दर्द अब भी घटना की भयावहता बयां कर रहा है।
ब्रह्मानंद यादव के निधन की सूचना पर पूर्व एमएलसी संतोष यादव सनी उनके घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में वह परिवार को अकेला नहीं समझे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ खड़े रहेंगे और जरूरत पड़ने पर हरसंभव मदद करेंगे।
परिजनों से मुलाकात के दौरान पूर्व एमएलसी संतोष यादव दिवंगत पहलवान ब्रह्मानंद यादव की तस्वीर और उनके जीवन की यादों को देखकर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि ब्रह्मानंद केवल एक पहलवान नहीं थे, बल्कि अपनी मेहनत, संघर्ष और प्रतिभा के दम पर उन्होंने जवार, जिले और पूरे पूर्वांचल का नाम रोशन किया था। उन्होंने ब्रह्मानंद को पूर्वांचल का ‘हीरा’ बताते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली और मेहनती युवा का असमय चले जाना बेहद पीड़ादायक है।
पूर्व एमएलसी ने कहा कि अखाड़े में पसीना बहाकर पहचान बनाने वाले ब्रह्मानंद की जिंदगी संघर्ष और उपलब्धियों से भरी थी। कुश्ती के मैदान में उन्होंने अपनी ताकत और हुनर का लोहा मनवाया था। लेकिन जिस युवक के हाथों में कभी मिट्टी और मेडल हुआ करते थे, आज उसी के घर में उसकी यादें और परिजनों के आंसू रह गए हैं।
पूर्व एमएलसी ने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने और हर जरूरी सहयोग में वह अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिया कि संकट की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं केवल औपचारिक नहीं हैं, बल्कि परिवार के साथ उनका खड़ा रहना आगे भी जारी रहेगा।
